Guides · दुकान online
अपनी दुकान online कैसे करें — 5 कदम, पूरा हिसाब
Updated: August 2026 · 9 min पढ़ाई
✅ सीधा जवाब: दुकान online करने का मतलब है — आपका सामान, आपके दाम, आपकी दुकान के नाम से एक जगह list हो जाए, और लोग अपने फ़ोन के shopping apps पर उसे देख सकें। इसके लिए 4 documents चाहिए (PAN, Aadhaar, bank proof, और GST या मुफ़्त enrolment number + Udyam), signup में करीब 10 मिनट लगते हैं, कोई monthly fee नहीं लगती — पैसा सिर्फ़ तब कटता है जब order deliver हो जाए, सिर्फ़ 2%।
शाम के छह बज रहे हैं। दुकान पर तीन ग्राहक खड़े हैं, एक बच्चा ₹10 की चॉकलेट के लिए हाथ बढ़ा रहा है, और फ़ोन में एक message आया है — “भैया, अब हम दूसरी colony में शिफ्ट हो गए हैं। सामान भिजवा दोगे क्या?”
आप जानते हैं कि भेज तो देंगे। पर हर बार ऐसे ही चलेगा? और जो ग्राहक आपको जानते ही नहीं, वे कैसे पहुँचेंगे?
यही असली सवाल है — दुकान online कैसे करें। इस guide में हम वही रास्ता बताएँगे जो हम खुद रोज़ चलाते हैं। Kaarobari एक Seller App है ONDC Network में, और हमारे यहाँ असली दुकानों से असली order deliver होते हैं। जो नीचे लिखा है, वह कोई theory नहीं — हमारे अपने system का हिसाब है।
📊 रास्ता एक नज़र में — दुकान → फ़ोन → order
आपकी दुकान
वही shutter, वही तराज़ू
वही सामान shelf पर
आपका सामान फ़ोन में
फोटो + नाम + ₹ दाम
buyer apps पर दिखता है
नया order
फ़ोन पर notification
पैक → delivery → पैसा
दुकान online करने का मतलब असल में क्या है?
बहुत लोग सोचते हैं कि “online जाना” यानी अपनी website बनवाना, या Instagram पर page चलाना, या पूरा दिन फ़ोन में लगे रहना।
ऐसा नहीं है। दुकान online करने का मतलब सिर्फ़ इतना है:
- आपका सामान — नाम, फोटो, दाम — एक जगह list हो जाए
- वह list लोगों के shopping apps में दिखने लगे
- कोई order करे तो आपके फ़ोन पर notification आ जाए
- आप सामान पैक करें, वह ग्राहक तक पहुँचे, और पैसा आपके bank account में आ जाए
बस। दुकान वहीं रहती है, आप वहीं रहते हैं, दाम आपके ही रहते हैं। सिर्फ़ एक नई खिड़की खुल जाती है जिससे नए ग्राहक अंदर आते हैं।
Online जाने के तीन रास्ते हैं — फ़र्क़ समझ लीजिए
हर रास्ता एक जैसा नहीं है। तीनों की तुलना देखिए:
| WhatsApp / status पर बेचना | बड़े shopping apps पर seller बनना | ONDC Network पर आना | |
|---|---|---|---|
| कौन देख पाएगा | सिर्फ़ वे लोग जिनके पास आपका number है | उस एक app के users | नेटवर्क से जुड़े कई buyer apps के users |
| दुकान का नाम | दिखता है | अक्सर पीछे रह जाता है | आपकी दुकान के नाम से दिखती है |
| दाम कौन तय करता है | आप | कई बार app के discount नियम | आप |
| कितनी बार list करना है | हर बार message भेजना पड़ता है | हर app पर अलग-अलग | एक बार list, कई apps पर दिखे |
| खर्च | कुछ नहीं, पर पहुँच भी सीमित | अलग-अलग commission + ads का खर्च | Kaarobari पर: कोई monthly fee नहीं, delivered order पर 2% |
WhatsApp बंद करने की ज़रूरत नहीं है — वह आपके पुराने ग्राहकों के लिए चलता रहे। ONDC Network उसके ऊपर एक और खिड़की है, नए लोगों के लिए।
ONDC (Open Network for Digital Commerce) भारत सरकार की पहल से बना खुला network है। एक बार सामान list करने पर वह उन buyer apps तक पहुँचता है जो इस network से जुड़े हैं — जैसे Paytm, PhonePe, Magicpin और दूसरे। हमने पूरा नेटवर्क आसान भाषा में यहाँ समझाया है: ONDC पर कैसे बेचें — पूरी guide।
Apni dukan online kaise le jaye — पूरा रास्ता 5 कदम में
नीचे वही क्रम है जो हमारे seller असल में follow करते हैं।
- 1क्या बेचना है तय करें — 10–20 पैक्ड चीज़ें~15 मिनट
- 24 documents तैयार — PAN · Aadhaar · bank proof · GST/enrolment + Udyam~30 मिनट
- 3Signup + KYC — मोबाइल, OTP, documents upload~10 मिनट
- 4सामान की फोटो + दाम — नाम, वज़न, MRP, निर्माताहर चीज़ ~3 मिनट
- 5Order → पैक → delivery → पैसा — पैसा आपके bank account मेंरोज़ का काम
कदम 1 — तय कीजिए कि शुरुआत में क्या बेचना है। पूरी दुकान एक दिन में मत डालिए। 10 से 20 ऐसी चीज़ें चुनिए जो पैक्ड हों, जिन पर MRP छपा हो, और जो टूटने-सड़ने वाली न हों। मसाले, अगरबत्ती, पापड़, चाय, साबुन, स्नैक्स — इनसे शुरुआत सबसे आसान है।
कदम 2 — चार चीज़ें फोटो खींचकर रख लीजिए। नीचे पूरी list दी है।
कदम 3 — Signup और KYC। मोबाइल number, OTP, फिर documents upload। ज़्यादातर seller यह हिस्सा करीब 10 मिनट में पूरा कर लेते हैं।
कदम 4 — सामान डालिए। हर चीज़ का नाम, फोटो, वज़न/मात्रा और दाम। शुरू में एक-एक करके डालिए; बाद में पूरी list एक साथ भी चढ़ाई जा सकती है।
कदम 5 — order का इंतज़ार। Order आते ही फ़ोन पर notification आता है। आप accept करते हैं, सामान पैक करते हैं, वह ग्राहक तक जाता है, और पैसा आपके bank account में आता है।
Dukan online karne ke liye kaun se documents chahiye?
यह वह हिस्सा है जहाँ ज़्यादातर लोग घबराते हैं। सच यह है कि तीन चीज़ें तो लगभग सबके पास पहले से होती हैं।
| Document | किसे चाहिए | कहाँ से | समय | खर्च |
|---|---|---|---|---|
| PAN card | हर seller को | पहले से है तो वही; नया e-PAN Income Tax portal से | 0–10 मिनट | e-PAN free |
| Aadhaar (आगे + पीछे) | हर seller को | UIDAI site से e-Aadhaar PDF | ~5 मिनट | Free |
| Bank proof (कोई एक) | हर seller को | Cancelled cheque / passbook का पहला पन्ना / statement का पहला पन्ना | ~2 मिनट | Free |
| GST certificate | जिनके पास GST registration है | gst.gov.in से download | ~5 मिनट | Free |
| GST enrolment number + Udyam certificate | जिनके पास GST नहीं है | gst.gov.in (e-Enrolment) + udyamregistration.gov.in | ~15 + ~15 मिनट | दोनों free |
| FSSAI registration | जो खाने-पीने का सामान बेचते हैं | FoSCoS portal | 7–30 दिन — जल्दी apply कीजिए | ₹100/साल से शुरू |
पूरी checklist, हर document के official link के साथ, यहाँ है: Seller Documents।
कोई भी agent इन documents के लिए पैसे माँगे तो रुक जाइए। Udyam, GST enrolment और e-PAN सरकारी portal पर मुफ़्त बनते हैं। Google पर मिलने वाली मिलती-जुलती नाम वाली websites पैसे लेती हैं — वे सरकारी नहीं हैं। हमेशा udyamregistration.gov.in, gst.gov.in और foscos.fssai.gov.in ही खोलिए।
Aadhaar को लेकर एक बात साफ़ कर दें, क्योंकि यह डर सबसे आम है: हम Aadhaar का पूरा number store नहीं करते — सिर्फ़ आख़िरी 4 अंक रखे जाते हैं।
मेरे पास GST नहीं है — तब भी दुकान online हो सकती है?
हाँ। यह सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी है कि GST number के बिना online कुछ नहीं होता।
October 2023 से नियम बदल चुका है। अगर आपका सालाना turnover GST की limit से कम है, तो आप मुफ़्त GST enrolment number और Udyam certificate के साथ online बेच सकते हैं। दोनों सरकारी portal पर बिना fees बनते हैं।
एक शर्त ज़रूर है, और वह हर कोई नहीं बताता: enrolment number से बिक्री सिर्फ़ आपके अपने राज्य के अंदर होती है। दूसरे राज्य के ग्राहक का order अपने आप रुक जाता है।
दोनों बातें हमने अलग-अलग guides में पूरी तरह लिखी हैं:
- बिना GST के online कैसे बेचें — enrolment number बनाने का पूरा तरीका
- बिना GST की शर्त: बिक्री सिर्फ़ अपने राज्य में — यह शर्त असल में कैसे काम करती है
दुकान online करने में कितना खर्च आता है?
अब असली सवाल। दुकानदार का पहला डर पैसे का ही होता है — “पहले पैसे लगेंगे, फिर कहेंगे और भरो।”
Kaarobari पर हिसाब सीधा है:
- कोई monthly fee नहीं
- कोई listing fee नहीं
- कोई setup खर्च नहीं
- सिर्फ़ delivered order पर 2% success fee
यानी जब तक order पहुँचता नहीं, एक रुपया नहीं कटता।
📊 ₹1,000 के order का हिसाब
₹1,000
ग्राहक ने दिया
− ₹20
success fee (2%)
₹980
आपकी कमाई (98%)
Order नहीं आया? कुछ नहीं कटता।
₹1,000 का order = ₹980 आपके। ₹500 का order = ₹490 आपके। कोई महीने का bill नहीं आता।
पूरी fee की जानकारी यहाँ है: Pricing।
पहला order आने में कितना समय लगता है? एक असली रात का हिसाब
यह वह हिस्सा है जो और कहीं नहीं मिलेगा, इसलिए ध्यान से पढ़िए।
हमारे एक seller ने रात को signup किया। असली घड़ी का हिसाब यह रहा:
📊 Signup से दिखने तक — एक असली रात
यानी signup से दिखने तक करीब तीन घंटे। पर इसमें एक तकनीकी बात छिपी है जो जानना ज़रूरी है।
Buyer apps आपका सामान लगातार नहीं पढ़ते। हमारे अपने system के record में, ये apps ज़्यादातर रात 1 बजे से 3 बजे के बीच नया catalog पढ़ते हैं। पढ़ने के बाद सामान करीब 4 से 30 मिनट में दिखने लगता है।
इसका मतलब आपके लिए क्या है? अगर आप दोपहर में सामान डालते हैं, तो घबराइए मत कि “शाम तक क्यों नहीं दिखा”। ज़्यादातर मामलों में वह उसी रात दिखता है।
और पहला order? इसका कोई पक्का वादा हम नहीं करेंगे — जो करता है, वह सच नहीं बोल रहा। Order इस बात पर निर्भर करता है कि आपके सामान की फोटो कैसी है, label पूरा है या नहीं, और आपके इलाक़े में उस चीज़ की माँग कितनी है। अगला हिस्सा इसी बारे में है, और उसमें हमारा सबसे साफ़ आँकड़ा है।
दुकान का कौन सा सामान online बिकता है — और क्यों कुछ नहीं बिकता?
हमारे पास इसका असली जवाब एक संयोग से मिला।
दो दुकानें, दोनों खाने-पीने का सामान बेचती थीं, दोनों एक ही समय में live थीं।
📊 दो दुकानें, एक ही फ़र्क़ — label की जानकारी
1 / 29
दुकान A
29 में से सिर्फ़ 1 सामान पर पूरा label-विवरण — वज़न, निर्माता, MRP
बाक़ी सामान catalog में जाता ही नहीं
27 / 27
दुकान B
हर सामान पर पूरा label-विवरण भरा हुआ
पूरी दुकान buyer apps तक पहुँची
फ़र्क़ सिर्फ़ label की जानकारी का था — यानी वे बातें जो Legal Metrology के नियम के हिसाब से पैक्ड सामान पर होनी ज़रूरी हैं।
नियम सीधा है: अगर label की कोई ज़रूरी जानकारी खाली है, तो वो सामान उस catalog में जाता ही नहीं जो हम buyer apps को भेजते हैं। ये कोई अनुमान नहीं — ये हमारे code में लिखा हुआ नियम है।
और सबसे मुश्किल बात ये है कि आपको कोई error नहीं दिखता। न ग्राहक को कुछ दिखता है, न आपको कोई शिकायत मिलती है — सामान बस चुपचाप गायब रहता है। इसीलिए सामान डालते वक्त हर खाना भरना सबसे ज़रूरी काम है — फोटो से भी ज़्यादा।
इसलिए शुरुआत में यह चार बातें पक्की कीजिए:
Order आने के बाद असल में करना क्या होता है?
यह वह हिस्सा है जिसका डर सबसे ज़्यादा होता है — “मुझे computer नहीं आता, order आया तो क्या करूँगा?”
सच यह है कि जो करना है वह आप दुकान पर पहले से करते आए हैं। बस order फ़ोन पर आता है।
📊 फ़ोन पर order ऐसा दिखता है
(दिखने का तरीका — असली order screen ऐसी ही होती है)
- Notification आता है — नया order, कौन सा सामान, कितने का।
- आप accept करते हैं। जितनी जल्दी हो सके — ग्राहक इंतज़ार में है।
- सामान पैक कीजिए — वही जो order में लिखा है, उतनी ही मात्रा में।
- Delivery — या तो आप खुद/अपने आदमी से भिजवा दीजिए, या network से delivery मँगवाइए। दोनों चलते हैं। किसी एक तरीके की मजबूरी नहीं है।
- पैसा — order deliver होने के बाद पैसा आपके उसी bank account में आता है जो आपने KYC में दिया था। Dashboard के Payments page पर हर order का हिसाब और bank UTR number दिखता है, ताकि आप मिला सकें।
एक बात दिलचस्प है: ग्राहक order करने में जल्दबाज़ी नहीं करता। हमारे एक असली order में ग्राहक ने सामान चुनने से लेकर payment पूरा करने तक 6 मिनट लिए (11:43 से 11:49)। यानी दूसरी तरफ़ भी एक इंसान ही है, जो सोच-समझकर ख़रीद रहा है।
📊 Payments page — एक order का हिसाब
(दिखने का तरीका — हर order का हिसाब dashboard पर अलग से मिलता है)
क्या इससे मेरी दुकान का नुकसान होगा?
यह सवाल कोई पूछता नहीं, पर मन में सबके रहता है। इसलिए सीधे बात करते हैं।
“मेरे पुराने ग्राहक छिन जाएँगे?”
नहीं। जो रोज़ दुकान आता है वह आता रहेगा। Online से वह आदमी आता है जो आपकी गली तक पहुँच ही नहीं पाता।
“दाम कम करने पड़ेंगे?”
नहीं। दाम आप तय करते हैं। कोई आपसे discount नहीं मँगवाता।
“उधार वाले ग्राहकों का क्या?”
उनका हिसाब जैसा चलता है वैसा चलता रहेगा। Online order का पैसा अलग रास्ते से, सीधे bank में आता है।
“दुकान पर वैसे ही time नहीं मिलता।”
Order आने पर ही काम है। कोई app पूरे दिन देखना ज़रूरी नहीं।
“मन नहीं लगा तो?”
कोई contract नहीं है। Account एक message से बंद हो जाता है। सामान list से हटाना भी आपके ही हाथ में है।
नई online दुकान खोलना और चलती दुकान को online ले जाना — फ़र्क़ क्या है?
दोनों का रास्ता लगभग एक ही है, पर दो-तीन बातें अलग हैं।
अगर आपकी दुकान चल रही है, तो पता दुकान का होगा, सामान वही जो shelf पर है, और शुरुआत सबसे तेज़ होती है — क्योंकि सामान पहले से मौजूद है।
अगर आप घर से शुरू कर रहे हैं — पापड़, आचार, मसाले, हस्तकला, बचत गट का सामान — तो पता घर का चलेगा। Udyam certificate ज़रूर बनवा लीजिए, यह मुफ़्त है और सरकारी schemes में काम आता है। खाने का सामान है तो FSSAI registration पहले शुरू कर दीजिए, क्योंकि उसमें 7 से 30 दिन लग सकते हैं।
दोनों हालात में documents की list वही रहती है, fee वही रहती है, और तरीका वही रहता है।
Sellers ke asli sawaal (FAQ)
मेरे पास computer नहीं है, सिर्फ़ फ़ोन है। चलेगा?+−
चलेगा। यह सवाल बिल्कुल सही है, क्योंकि ज़्यादातर guides computer मानकर लिखी जाती हैं। पूरा काम — signup, documents की फोटो upload, सामान डालना, order accept करना, payment देखना — फ़ोन से होता है। Documents JPG, PNG या PDF में upload होते हैं, हर file 5 MB तक।
पहला order कब तक आ जाएगा?+−
सही सवाल है, और सीधा जवाब यह है कि कोई पक्का वादा नहीं किया जा सकता — ये आपके इलाक़े, सामान और दाम पर निर्भर करता है। पर एक बात पक्की है: जिस सामान का label-विवरण अधूरा है, वो buyer app तक पहुँचता ही नहीं — तो उस पर order आने का सवाल ही नहीं। शुरुआत में मेहनत पूरी जानकारी भरने पर लगाइए — असर वहीं से आता है।
पैसा सच में मेरे account में आएगा?+−
आपका शक जायज़ है। पैसा उसी bank account में जाता है जो आपने KYC में दिया था — दूसरा कोई रास्ता नहीं है। हर payment के साथ bank UTR number dashboard पर दिखता है, जिससे आप अपनी passbook से मिला सकते हैं। Order deliver होने से पहले कुछ भी नहीं कटता।
कोई मुझसे registration के पैसे माँग रहा है। देने चाहिए?+−
नहीं। सही सवाल है — इस नाम पर ठगी बहुत होती है। Udyam, GST enrolment और e-PAN सरकारी portal पर मुफ़्त बनते हैं। Kaarobari पर signup की कोई fees नहीं है और न ही documents बनवाने की। अगर कोई पैसे माँगे तो वह हमारा आदमी नहीं है।
बंद करना हो तो?+−
एक message काफ़ी है। कोई contract नहीं, कोई notice period नहीं, कोई बंद करने की fees नहीं। पहला order deliver होने तक तो एक रुपया लगता ही नहीं।
क्या यह भरोसे लायक है? कैसे जाँचूँ?+−
ख़ुद जाँचिए — यही सबसे अच्छा तरीका है। Kaarobari, NEXSOL INFOTECH PVT LTD (CIN U62099MR2026PTC474666, धुले, महाराष्ट्र) की service है, और हम ONDC Network के registered network participant हैं। CIN सरकारी MCA portal पर खुद देख सकते हैं।
Documents निकालने में दिक्कत? हम call पर करवा देते हैं — कोई charge नहीं
हमारी dedicated team है जो phone पर आपको step-by-step guide करती है और सारे documents बनवा देती है — Udyam, GST enrolment, FSSAI, सब। और सिर्फ़ documents नहीं: signup से लेकर आपकी दुकान ONDC Network पर live होने तक, पहला order deliver होने तक — हर कदम पर call support, बिल्कुल मुफ़्त। न कोई fees, न किसी agent का खर्चा।
सोमवार–शनिवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक। हिंदी में बात होगी।
आगे पढ़िए
Sources (सिर्फ़ official sites)
- GST enrolment और registration — gst.gov.in
- Udyam (MSME) registration — udyamregistration.gov.in
- FSSAI / FoSCoS — foscos.fssai.gov.in
- ONDC Network के official resources — resources.ondc.org
इन नामों से मिलती-जुलती बहुत सी websites Google पर आती हैं जो पैसे माँगती हैं। वे सरकारी नहीं हैं। ऊपर लिखे पते ही खोलिए।

